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विशाल रक्तदान शिविर अमलीपदर, मानस भवन 2 अक्टूबर , गांधी जयंती 2021  रक्तदान करते हुए कमलकिशोर ताम्रकार शिक्षक, शास.पू.मा.शाला उसरीजोर

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-::  काश, अगर मै कवि जो होता  ::- लेखनी से करता वारा न्यारा.  मानो बहता गंगा की धारा.  मन भावन भावो को पिरोता.  काश,..........  सतयुग से त्रेता तक कथा.  द्वापर से कलयुग तक गाथा.  काव्य रूप मे उसे कह जाता.  काश,.......  कोयल की कुक को कहता.  झरने की कल कल लिखता  प्रकृति श्रृगांर मे मै रम जाता.  काश,.......  बचपन का वह चंचल मन.  नारी का नख शिख वर्णन.  अनुभव बुजुर्गो का मै कहता.  काश,......  चित्कार पुकार क्रन्दन.  देख दर्द भरी दास्तान.  उसी भावनाओ मे बहजाता  काश,.........  कुर्सी देख छिन्ना झपटी.  लडतेे कुत्ते खाने  रोटी.  सबक इन्हे जनता सिखाता  काश,.......  नेताओ का नकाब उतारता  हवा जेल की उसे खिलाता  सीधे राह उन्हें ले आता.  काश,.......  ब्यंग्य बाण ऐसे चलाता  मखमली जूतो से लगाता  सोयी जनता को जगाता  काश,......  राम राज्य साकार करने क्षमा दया करूणा भरता  न राजा न रंक कोई होता  काश,......  मातृभूमि की...